रामदान डऊकिया है मालाणी के सिरमौर।हमेशा याद रहेगा इतिहास का वह दौर।।
तेजाराम के घर एक वीर ने जन्म पाया।
वह इतिहास में राम दान कहलाया।।
15 मार्च 1884 का दिन निराला था।
वह वीर भविष्य में क्रांति लाने वाला था।।
सभी ने मिलकर खुशियां मनाई।
सबसे खुश थी जन्मदात्री दौली माई।।
मालाणी का गांव का था सरली।
जिसने बदलाव की हुंकार भर ली।।