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Friday, October 26, 2018

कुम्भाराम जी आर्य KUMBHARAM JI ARYA

किसान वर्ग के शीर्षस्थ नेता
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' ज़मीन कींकी?'
' बावै बींकी।'
जागीरी ज़ुल्म के दौर में ऐसे सुदृढ़ स्वप्नद्रष्टा और फिर स्वाधीनता संग्राम के बाद सत्ता के गलियारे में अपनी धमक के बलबूते पर इस सँजोए सपने को प्राथमिकता के आधार पर साकार कर देने वाले राजस्थान के किसान वर्ग के मसीहा चौधरी कुम्भाराम आर्य को उनकी पुण्यतिथि 26 अक्टूबर पर भावभीनी श्रद्धांजलि!!
स्वाधीनता से पूर्व राजस्थान में सदियों से राजशाही, सामंती और साम्राज्यवादी व्यवस्था का तिहरा गठजोड़ विद्यमान था। 'भू स्वामियों के एक श्रेणी तंत्र ने संपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक ढांचे पर आधिपत्य स्थापित कर रखा था, जिसमें स्वायत्तशासी देशी रियासतों के राजाओं से लेकर बड़ी-बड़ी जागीरों के मालिक तक सम्मिलित थे।' जागीरदारों के प्रश्रय में पोषित अनेक छोटे बिचौलिए भी इस व्यवस्था के उच्चत्तर सोपानों पर प्रतिष्ठित थे।

Sunday, May 13, 2018

किसान वर्ग के तारणहार चौधरी कुम्भाराम आर्य KUMBHA RAM ARYA




किसान वर्ग के तारणहार चौधरी कुम्भाराम आर्य
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राजस्थान के किसानों को राजशाही व सामन्तशाही के दमन, शोषण व उत्पीड़न के चक्रव्यूह से बाहर निकालने की मुहिम को गति देने और फिर उन्हें खातेदारी का हक़ दिलाकर उनकी जिंदगी को रोशन करने का श्रेय चौधरी कुम्भाराम आर्य को जाता है। चौधरी कुम्भाराम आर्य ( जन्म: 10 मई 1914; देहावसान: 26 अक्टूबर 1995 ) में एक सफल संगठनकर्ता,

Wednesday, May 9, 2018

चौधरी कुम्भाराम का बचपन CHILDHOOD OF CHOUDHARY KUMBHA RAM

 चौधरी कुम्भाराम राजस्थान के उन जननायकों में से थे जिन्होने जिंदगी भर अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध तथा गरीबी व किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया।

डाबड़ा कांड के शहीद

#अमर_शहीदों_को_नमन्                                           13मार्च 1947का दिन था।जगह थी नागौर जिले की डीडवाना तहसील में गांव डाबड़ा!एक कि...