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Wednesday, July 18, 2018

जाट कौम .......... सावधान !!

जो इस पोस्ट को पुरा पढकर गहन विचार वयक्त नही कर सकता उस जाट और उस जाटनी का इस व्हाटसएप्प और फेसबुक जैसै सोसियल मिडिया प्लेटफार्म पर रहकर समय बर्बाद करना कोई मतलब नही रखता !!
जो लोग अपनी कौम के और अपने बच्चो के भविष्य के प्रति सजग और सचेत नही रहते वो लोग अपने जीवन में कुछ नही कर सकते! और उनके बच्चो का भविष्य अंधकार मय हो जायेगा !
एक दिन ऐसा समय आयेगा की उनके बच्चो की आने वाली पीढ़ीयाँ सड़को पर कटोरा लेकर भीख मांगेगी                                                     आपको यह पोस्ट बुरी लग सकती है पर 100% से भी ज्यादा सत्य और हाल के मुद्दो पर बनाई गयी पोस्ट है। इतनी मेहनत से आपके लिये किसी ने लिखा है तो प्लीज 10 मिनट समय निकाल कर पोस्ट को पढ़े और घर परिवार में अपने बीवी बच्चो को भी पढ़ाये और सुनाएँ !! मैं आपकी और आपके द्वारा इस पोस्ट को आगे फैलाने पर मिली प्रतिक्रिया जानना चाहुंगा         

Wednesday, May 16, 2018


जो लोग गांव-गांव तेजाजी के मंदिर बनाकर ब्राह्मणों को रोजगार दे रहे है वो लोग तेजाजी जैसे महापुरुषों के विचारों के हत्यारे है।ब्राह्मणवाद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर तुम भी तो वो ही काम कर रहे हो 
 तेजाजी महापुरुष थे ,है व रहेंगे लेकिन ब्राह्मणवाद की आग में जलकर तुमने जिस दिन तेजाजी महाराज को काल्पनिक देवता घोषित किया उसी दिन तेजाजी के विचार मरने शुरू हो गए!

ब्राह्मणवाद की धूर्तता

 
पिछले साल खरनाल का तेजादशमी मेला राजनीतिक भाषण का झंडुबाम बना और अनुयायी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तभी तेजाजी के तथाकथित चमत्कारों की प्रशस्तियाँ दिलों से निकलकर राजनीति के संग्रहालयों में पहुंच गई थी👌
जाट समाज धार्मिक कभी रहा ही नहीं इसलिए ब्राह्मणवाद की धूर्तता को गोदी में बैठाकर जाटों ने जनाजा निकाल दिया था!जाट कौम उत्सवों की भूखी है,जाट कौम मनोरंजन तलाश रही है।किसी भी तथाकथित धर्म को जाटों के हवाले करके देख लीजिए।तेजाजी को चमत्कारिक घोषित करने की आस में घुसे थे और सपना चौधरी की फूहड़ता लेकर निकल रहे है।यकीन न हो तो तेजाजी के नाम पर होने वाली भजन संध्याओं का नजारा देख लीजिए

विचारहीन-दिशाविहीन नेतृत्व से जूझता जाट समाज .....




विचारहीन-दिशाविहीन नेतृत्व से जूझता जाट समाज .....
पिछले दिनों बाड़मेर के कुछ गांवों में मंदिर निर्माण प्रतियोगिता हुई है व तकरीबन तीन करोड़ रुपये की बोलियां लगी।बाड़मेर राजस्थान में सबसे अभावग्रस्त इलाका माना जाता है लेकिन हकीकत में संसाधनों का अभाव है नहीं बल्कि बुद्धि का अभाव नजर आता है!जाट समाज की विडंबना सदैव यह रही है कि ब्राह्मणवादी व्यवस्था में वो अपने आप को उच्च घोषित करने में हमेशा लगा रहता है।

डाबड़ा कांड के शहीद

#अमर_शहीदों_को_नमन्                                           13मार्च 1947का दिन था।जगह थी नागौर जिले की डीडवाना तहसील में गांव डाबड़ा!एक कि...