कुछ भटकते-खटकते ख़याल
संदर्भ: शिक्षक दिवस
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जीवन को गढ़ने-संवारने में माता -पिता के बाद सबसे ज़्यादा प्रभावी भूमिका निभाने वाले उन सभी गुरुजनों को नमन, जिन्होंने अपने आदर्श और कर्तव्यनिष्ठ जीवन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है।
संदर्भ: शिक्षक दिवस
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जीवन को गढ़ने-संवारने में माता -पिता के बाद सबसे ज़्यादा प्रभावी भूमिका निभाने वाले उन सभी गुरुजनों को नमन, जिन्होंने अपने आदर्श और कर्तव्यनिष्ठ जीवन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है।
शिक्षक दिवस पर विशेष स्मरण शिक्षा-संत शिरोमणि महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी अर्धांगिनी
सावित्रीबाई फुले का जिन्होंने सामंतवादी और रूढ़िवादी भारत में वंचित वर्ग की संतति को शिक्षित करने का सपना देखा और उसे साकार करने व उनकी शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करने हेतु स्कूल खोलने का क्रांतिकारी कदम उठाया। फुले दंपति की स्मृति को शत- शत नमन।
सावित्रीबाई फुले का जिन्होंने सामंतवादी और रूढ़िवादी भारत में वंचित वर्ग की संतति को शिक्षित करने का सपना देखा और उसे साकार करने व उनकी शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करने हेतु स्कूल खोलने का क्रांतिकारी कदम उठाया। फुले दंपति की स्मृति को शत- शत नमन।