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Wednesday, May 16, 2018

मृत्युभोज

सबसे बड़े मृत्युभोज का आयोजनकर्ता पट्टीदार!दुख की बात यह है कि ऐसे पट्टीदारों को जाट समाज के पढ़े-लिखे लोग बधाई देकर हौंसला अफजाई कर रहे है।कलंक रीति के कलुशों के मुंह पर कालिख पोतने के बजाय युवा बड़े कारनामे के रूप में प्रस्तुत कर रहे है!
किसी इंसान की मौत के बाद खाने को जुटने वाले लोग इंसान तो कतई नहीं हो सकते!मानते है किसी के घर मे बुजुर्ग की मौत एक सदमा देने वाली घटना है लेकिन अनुभव व इतिहास के सबूत की विदाई के बाद खाने को भटकते लोगों के बारे में क्या कहा जाए!

जो लोग गांव-गांव तेजाजी के मंदिर बनाकर ब्राह्मणों को रोजगार दे रहे है वो लोग तेजाजी जैसे महापुरुषों के विचारों के हत्यारे है।ब्राह्मणवाद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर तुम भी तो वो ही काम कर रहे हो 
 तेजाजी महापुरुष थे ,है व रहेंगे लेकिन ब्राह्मणवाद की आग में जलकर तुमने जिस दिन तेजाजी महाराज को काल्पनिक देवता घोषित किया उसी दिन तेजाजी के विचार मरने शुरू हो गए!

ब्राह्मणवाद की धूर्तता

 
पिछले साल खरनाल का तेजादशमी मेला राजनीतिक भाषण का झंडुबाम बना और अनुयायी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तभी तेजाजी के तथाकथित चमत्कारों की प्रशस्तियाँ दिलों से निकलकर राजनीति के संग्रहालयों में पहुंच गई थी👌
जाट समाज धार्मिक कभी रहा ही नहीं इसलिए ब्राह्मणवाद की धूर्तता को गोदी में बैठाकर जाटों ने जनाजा निकाल दिया था!जाट कौम उत्सवों की भूखी है,जाट कौम मनोरंजन तलाश रही है।किसी भी तथाकथित धर्म को जाटों के हवाले करके देख लीजिए।तेजाजी को चमत्कारिक घोषित करने की आस में घुसे थे और सपना चौधरी की फूहड़ता लेकर निकल रहे है।यकीन न हो तो तेजाजी के नाम पर होने वाली भजन संध्याओं का नजारा देख लीजिए

विचारहीन-दिशाविहीन नेतृत्व से जूझता जाट समाज .....




विचारहीन-दिशाविहीन नेतृत्व से जूझता जाट समाज .....
पिछले दिनों बाड़मेर के कुछ गांवों में मंदिर निर्माण प्रतियोगिता हुई है व तकरीबन तीन करोड़ रुपये की बोलियां लगी।बाड़मेर राजस्थान में सबसे अभावग्रस्त इलाका माना जाता है लेकिन हकीकत में संसाधनों का अभाव है नहीं बल्कि बुद्धि का अभाव नजर आता है!जाट समाज की विडंबना सदैव यह रही है कि ब्राह्मणवादी व्यवस्था में वो अपने आप को उच्च घोषित करने में हमेशा लगा रहता है।

डाबड़ा कांड के शहीद

#अमर_शहीदों_को_नमन्                                           13मार्च 1947का दिन था।जगह थी नागौर जिले की डीडवाना तहसील में गांव डाबड़ा!एक कि...