राजस्थानी जाट कठे…..
शीश बोरलो नासा मे नथड़ी सौगड़ सोनो आज कठे,
कठे पौमचो जाटणी को जाटां रो सवायो काज कठे !
कठे पेमल पनेरां की तेजोजी खरनाल कठै,
कठे राखड़ी जायल की खिंयाळा को नाम कठे !
गिणता गिणता रेखा घिसगी रामभक्ती री रीस कठे,
मांझवास री जबर जाटणी फूलां री आशीष कठे!
तेजा न मनावता सावण भादवा री मौज कठे,
लावणी री मधुर मनवारां सुरंगो ओ आसौज कठे!