Saturday, May 12, 2018

जाटों का इतिहास :-कविता POEMS ON JAT`S HISTORY

जाटों का इतिहास अनूठा।
घना मजबूत है जाटों का खूंटा।।
 हर जाट एक महावीर है।
 हर जाट कर्मठ धीर वीर है।।
जाटों का कैसे करूं बखान ।
जाट है सबसे महान।।
जाटों में गजब रणधीर हुए ।
अलबेला योद्धा संत पीर हुए।।
 भक्त धन्ना और कर्मा की भक्ति ।
वीर सरदार भगत सिंह की शक्ति ।।
जाटों का है अमर इतिहास ।
इनका गुणगान करें सदा आकाश ।।
धरती दुहरावे इनकी गाथा ।
जाटों ने भेंट किया मायड़ को माथा।।
 इनकी वीरता सदा अमर रहे ।
इनके बलिदान को जग धन्य कहे ।।
इनकी गाथा नित सूरज चांद गावे ।
उनकी वीरता को हिमालय भी सिर झुकावे ।।
सरहद भी इनके कदमों को करे सलाम।
 खेलो मेरा सदा जाटों का नाम।।
 जाट शूरवीरों के आगे।
 अरिदल भी रणछोड़ भागे ।।
दुश्मन घुटने टेके इनके आगे ।
जाटों की हुंकार से सोया समुद्र जागे ।।
अमर जाट संतों की वाणी ।
शब्दों में नहीं बंधती जाटों की "कहाणी"

Thursday, May 10, 2018

एवरेस्ट फतह-अनिता कुंडू ANITA KUNDU

नाम है अनिता कुंडू
हरयाणा के एक साधारण से जाट परिवार में जन्मी मगर अपने बुलंद हौंसले से संसार ती उन ऊंचाईयों को छू लिया जहां पहुंचते पहुंचते इंसान तो क्या फरिश्तों की भी रूह जम जाये।
इस बहिन ने दो बार एवरेस्ट फतह कि हे एक बार नेपाल कि ओर से व दुसरी बार चीन की तरफ से।
बहन वर्तमान में हरयाणा पुलिस मे कार्यरत हेै।

Wednesday, May 9, 2018

चौधरी कुम्भाराम का बचपन CHILDHOOD OF CHOUDHARY KUMBHA RAM

 चौधरी कुम्भाराम राजस्थान के उन जननायकों में से थे जिन्होने जिंदगी भर अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध तथा गरीबी व किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया।

IAS अन्नू_कुमारी दहिया की प्रेरणास्पद कहानी IAS TOPPER ANNU DAHIYA




जरूर पढ़े अन्नू कुमारी दहिया की प्रेरणास्पद कहानी
....... ••••••••••••••••••••••••••IAS टॉपर 2nd रैंक
मां गोबर के उपले थाप रही थी जब यह खबर आई कि बेटी I.A.S बन गई है
चार साल के बच्‍चे की 32 साल की मां अनु कुमारी आज उन लड़कियों के लिए एक मिसाल है, जो अपनी नियति, अपनी जिंदगी बदलना चाहती हैं. बदलाव का यह रास्‍ता पढ़ाई से होकर जाता है

जाटों के बारे में हेरोडोटस के विचार THOUGHT OF HERODOTAS ABOUT JAT`S

हैरोडॉटस इतिहास का पितामह इन्होने जाट के विषय में जो लिखा में अपने समाज से साझा करना चाहता हूँ ।
हैरोडॉट्स का जन्म 484ई. में ईरान के हालीकार्नस में हुआ था ।जो अब टर्की में है इनके पूर्वज यही आबाद थे यही क्षेत्र ऋसिक ,तुषार, कुंडू ,विर्क, जौहन,बेन, खोखर आदि गोत्रो का गढ़ रहा था ।

अर्जुन अवार्डी अंतर्राष्ट्रीय तैराक खजान सिंह टोकस

अर्जुन अवार्डी अंतर्राष्ट्रीय तैराक खजान सिंह टोकस का जन्म 6 मई 1964 को दक्षिणी दिल्ली के गांव मुनिरका जो टोकस जट्टो का गढ़ है में हुआ था। पिता जी स्व.श्री महिपत सिंह माता स्व. श्रीमती विशालो देवी की कोख से जन्मा भारत का प्रथम अंतर्राष्ट्रीय तैराक ।जिनको गुरु चौधरी मयचन्द ने निखारा,बाद में एक जर्मन व ऑस्ट्रेलियन कोच के पसंदीदा बने ।
1981 के नेशनल खेलो में 5 पदक तैराकी में अकेले जीतकर तहलका

सामाजिक कार्यक्रम में दिखावा कितना सही ??

 
आजकल सामाजिक कार्यक्रम में दिखावा हावी होता जा रहा है हर कोई व्यक्ति दिखावे के लिए धन की धरोहर की, संपत्ति की बर्बादी करता है हर व्यक्ति को ऐसा लगता है कि पड़ोसी ने इतना खर्चा किया है कितने तरह के व्यंजन बनाए हैं इससे ज्यादा करूंगा दूसरों की देखा-देखी छोटे से सामाजिक कार्यक्रम में बहुत सारे लोगों को बुलाकर तरह तरह के व्यंजन बनाकर फिर खाने को जूठा छोड़ दिया जाता है अन्न की बर्बादी होती है ,पैसों की बर्बादी होती है

डाबड़ा कांड के शहीद

#अमर_शहीदों_को_नमन्                                           13मार्च 1947का दिन था।जगह थी नागौर जिले की डीडवाना तहसील में गांव डाबड़ा!एक कि...