मैं जट हूँ मै एक नस्ल हूँ जो हर मजहब,धर्म,पन्थ में होकर भी जाट ही हूँ ।मुझे धर्मो,मजहबो,पन्थो की नजर के चश्मे से देखने ओर बाटने वालों ये नस्ल है टुकड़ो में नही बटेगी ।दूरिया गलतफहमियां अधिक दिन तक दूध,खून से सींचे सदियों पुरानी नस्ल के इस रिश्ते को दूर नही रख सकते है।
मैं उन महान पुरखो का अंश हूँ जो पृकृतिं के उपासक ओर संरक्षक रहे है। मैं उस परम्परा विरासत का हिस्सा हूँ जहाँ सुबह की दस्तक के आखिरी अंधेरे पर नींद त्यागने के बाद भूखे प्यासे उन पशुओं,परिवार की शारीरिक व आर्थिक ऊर्जा के संचय के लिये जुट जाता हूँ। इन सभी के पेट भरने के इंतजाम के बाद ही में पहला निवाला अपने हलक के नीचे उतारता हूँ ।बेजुबान पशुओं की हर सेवा करता हूँ जिनका में पालक हूँ ।
मैं उन महान पुरखो का अंश हूँ जो पृकृतिं के उपासक ओर संरक्षक रहे है। मैं उस परम्परा विरासत का हिस्सा हूँ जहाँ सुबह की दस्तक के आखिरी अंधेरे पर नींद त्यागने के बाद भूखे प्यासे उन पशुओं,परिवार की शारीरिक व आर्थिक ऊर्जा के संचय के लिये जुट जाता हूँ। इन सभी के पेट भरने के इंतजाम के बाद ही में पहला निवाला अपने हलक के नीचे उतारता हूँ ।बेजुबान पशुओं की हर सेवा करता हूँ जिनका में पालक हूँ ।

