Wednesday, September 12, 2018

स्वामी केशवानंद :-एक निराला शिक्षा संत

*स्वामी केशवानन्द : एक निराला शिक्षा-संत*

*प्रो. H R ISHRAN की कलम✍✍*
***********************************स्वामी केशवानंद के लिए इमेज परिणाम*
फ़र्श से अर्श तक पहुंचने वालों के कई किस्से सुने हैं। पर यह किस्सा एक ऐसी शख्सियत का है, जिसे पैर टिकाने के लिए अपना कोई टिकाऊ फ़र्श नसीब नहीं हुआ। आज यहां तो कल वहां। यह किस्सा एक ऐसे यायावर का है जिसने कष्टों के कांटों से जूझते हुए एक विशाल इलाके को शिक्षा से रोशन कर नव-जागरण की ज्वाला प्रज्ज्वलित की और अपने कर्मनिष्ठ जीवन से लोकप्रियता के आकाश पर धूमकेतु की तरह छाया रहा। यह किस्सा बेहद रोमांचक है। ट्विस्ट इसमें कई हैं।

Sunday, September 9, 2018

नशा नाश का द्वार:-वीरमाराम जाणी वरिष्ठ पत्रकार

*दहशत की जद में मालानी.* *::::::गौर कीजिए*

*वीरमाराम जाणी वरिष्ठ पत्रकार की कलम✍✍*

अब भी नहीं चेते, तो बहुत देर हो जाएगी.
क्योंकि अगला नम्बर आप/हम में से किसी का भी हो सकता है.

कभी बेहद शांत माने जाने वाले बाड़मेर जिले के मालाणी इलाके में एक बार फिर खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई गई, वो भी पुलिस की नाक के ठीक नीचे. गुड़ामालानी क्षेत्र में एक ही दिन में तीन-तीन मर्तबा फायरिंग की वारदातों ने स्पष्ट सन्देश दे दिया है कि इलाके की शांति को ग्रहण लग चुका है. आम जनता ख़ौफ़ज़दा है और पुलिस हमेशा की तरह लाचार. साफ है, अब कानून के राज की जगह गैंगस्टर राज ले चुका है. इस 'गैंगस्टर राज' के सबसे प्रमुख किरदार हैं शराब, डोडा-अफीम, स्मैक के तस्कर और इसके नशेड़ी.

जाटों की पहचान,चरित्र, स्वभाव और विशेषताएं

जाटों की पहचान, चरित्र, स्वभाव और विशेषताए

जाट जाति का प्रत्येक युवक अपने लम्बे डील डौल, सुन्दर गोरे या गेहुएं चेहरे, घने काले बालों, लम्बी गर्दन, लम्बी सुथरी नाक, काली बड़ी-बड़ी आंखों, चौड़ा माथा, चौड़ी छाती, लम्बी भुजाओं, पतली कमर और रौबीली चाल से भली-भांति पहचाना जा सकता है। जाट का शरीर गठीला, और फुर्तीला होता है। जाटों का स्वभाव बड़ा सरल और दयालु है। किन्तु अन्याय होने पर मनमानी करने में वे अपने प्राणों को भी संकट में डाल देते हैं।

Tuesday, September 4, 2018

कुछ भटकते-खटकते ख़याल संदर्भ: शिक्षक दिवस ......

कुछ भटकते-खटकते ख़याल
संदर्भ: शिक्षक दिवस
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जीवन को गढ़ने-संवारने में माता -पिता के बाद सबसे ज़्यादा प्रभावी भूमिका निभाने वाले उन सभी गुरुजनों को नमन, जिन्होंने अपने आदर्श और कर्तव्यनिष्ठ जीवन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है।
शिक्षक दिवस पर विशेष स्मरण शिक्षा-संत शिरोमणि महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी अर्धांगिनीशिक्षक दिवस के लिए इमेज परिणाम सावित्रीबाई फुले का जिन्होंने सामंतवादी और रूढ़िवादी भारत में वंचित वर्ग की संतति को शिक्षित करने का सपना देखा और उसे साकार करने व उनकी शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करने हेतु स्कूल खोलने का क्रांतिकारी कदम उठाया। फुले दंपति की स्मृति को शत- शत नमन।

Thursday, August 30, 2018

कुछ सवाल खुद से पूछिए....

*यदि आप समाज के वरिष्ठ सदस्य हैं तो अपने आप से ये प्रश्न कीजिये....*

1. क्या मैंनेअपने स्तर पर किसी सामाजिक कुरीति को रोकने का प्रयास किया???
2. क्या मैंने समाज के किसी गरीब व असहाय व्यक्ति या उसके परिवार की सहायता की या सहायता का भरोसा दिलाया???
3. क्या मैंने किसी निजी विवाह समारोह में उपस्थित होने पर दहेज न लेने व दहेज न देने के लिए किसी एक व्यक्ति को प्रेरित किया???

Saturday, August 25, 2018

आजादी का अंत बुरा....

*आज़ादी_का_भी_अंत_बुरा  #मर्यादा_बनाये_रखिये*

*आज़ादी के नाम पर नग्नता,फूहड़ता,परिवार विघटन,घर से भागना,अभी एक लड़की नग्न साइकल सवार बनी थी यह आज़ादी है तो हम पारम्परिक ही अच्छे है,सनी लियोनी आइडल है आज़ादी की,जो नशे में एक्ट्रेस अपने परिवार कल्चर को जूते की नोक पर रखती हैं ये आदर्श है आज ,शर्म नही रही आज़ादी की व्याख्या ही गलत हो गई है ।*

*यह घटना 2009 जनवरी की है मुझे एक ड्यूटी के सिलसिले में पुणे जाना हुआ किसी भाई के कागज सत्यापन के लिए,मैं शिवाजीनगर पहुँचा जहां से मुझे खाड़की ईस्ट पुलिस स्टेशन भेज दिया गया ।*

हम क्यों करते हैं मृत्युभोज...?

*हम क्यों करते हैं मृत्यु भोज❓❓*

*✍*रामलाल जाणी भीमथल*
*8003041770*

*इस गंभीर लेख को पूरा पढ़ें..*


*✍✍अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मृत्यु भोज मृत आत्मा की तृप्ति के लिए, उन्हें स्वर्ग का टिकट दिलाने, मृत आत्मा की शांति के लिए किया जाता है,जो मृत्यु भोज में पुण्य मिलता वह मृत आत्मा को आगे प्राप्त होता है, उसमें उसकी आत्मा की मुक्ति होती है उस को शांति मिलती है या उस व्यक्ति ने आपके लिए इतने वर्ष काम किया था तो आप उसके मौत पर कम से कम इतना खर्चा तो कर सकते हैं ।।*

डाबड़ा कांड के शहीद

#अमर_शहीदों_को_नमन्                                           13मार्च 1947का दिन था।जगह थी नागौर जिले की डीडवाना तहसील में गांव डाबड़ा!एक कि...